काफी दिनों के बाद ब्लॉग लिख रही हूँ..........कुछ बैठे बैठे कभी दफ्तर में, तो कभी घर में कुछ लिख लेती हूँ................ऐसे में कुछ जो इधर लिखी हूँ.......जो भी है....अच्छा या बुरा.......
अश्क होंगे, तन्हाई होगी, यादें होंगी...
जिंदगी फिर से ग़म के प्यालों के नाम होगी
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आँखों को हमेशा किसी का इंतज़ार होता है
दिल किसी के लिए अक्सर बेताब होता है
मानता नहीं दिल सौ बातों से भी
हर पल वही सपने संजोता है
जिसके टूट जाने पे भी सच होने का इंतज़ार होता है ..

