Tuesday, March 8, 2011

टुटा दिल

काफी दिनों के बाद ब्लॉग लिख रही हूँ..........कुछ बैठे बैठे कभी दफ्तर में, तो कभी घर में कुछ लिख लेती हूँ................ऐसे में कुछ जो इधर लिखी हूँ.......जो भी है....अच्छा या बुरा.......



दिन के बाद फिर वही बोझिल सी शाम होगी 
अश्क होंगे, तन्हाई होगी, यादें होंगी...
जिंदगी फिर से ग़म के प्यालों के नाम होगी 

.....

आँखों को हमेशा किसी का इंतज़ार होता है 
दिल किसी के लिए अक्सर बेताब होता है
मानता नहीं दिल सौ बातों से भी 
हर पल वही सपने संजोता है
जिसके टूट जाने पे भी सच होने का इंतज़ार होता है ..

5 comments:

  1. बहुत बढिया मासूम सी कविता
    शुभकामनायें

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  2. जिसके टूट जाने पे भी सच होने का इंतज़ार होता है .हम तो यही कहेंगे कि मायूसी छोड़ दीजिये जो मिल रहा है उसमें खुश हो जाइये ...

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  3. बहुत ही बढ़िया लिखा है
    ..........दिल को छू लेने वाली प्रस्तुती

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  4. आपको एवं आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनायें!

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  5. आप को सपरिवार होली की हार्दिक शुभ कामनाएं.

    सादर

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