काफी दिनों के बाद ब्लॉग लिख रही हूँ..........कुछ बैठे बैठे कभी दफ्तर में, तो कभी घर में कुछ लिख लेती हूँ................ऐसे में कुछ जो इधर लिखी हूँ.......जो भी है....अच्छा या बुरा.......
अश्क होंगे, तन्हाई होगी, यादें होंगी...
जिंदगी फिर से ग़म के प्यालों के नाम होगी
.....
आँखों को हमेशा किसी का इंतज़ार होता है
दिल किसी के लिए अक्सर बेताब होता है
मानता नहीं दिल सौ बातों से भी
हर पल वही सपने संजोता है
जिसके टूट जाने पे भी सच होने का इंतज़ार होता है ..

बहुत बढिया मासूम सी कविता
ReplyDeleteशुभकामनायें
जिसके टूट जाने पे भी सच होने का इंतज़ार होता है .हम तो यही कहेंगे कि मायूसी छोड़ दीजिये जो मिल रहा है उसमें खुश हो जाइये ...
ReplyDeleteबहुत ही बढ़िया लिखा है
ReplyDelete..........दिल को छू लेने वाली प्रस्तुती
आपको एवं आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनायें!
ReplyDeleteआप को सपरिवार होली की हार्दिक शुभ कामनाएं.
ReplyDeleteसादर